पौराणिक कथा नहीं, इतिहास का सबूत!
यूनान के आइथाका द्वीप पर पुरातत्वविदों ने एक ऐतिहासिक खोज की है जो होमर के महाकाव्य ‘ओडिसी’ और उसके नायक ओडिसियस को वास्तविक इतिहास से जोड़ती है। एक पवित्र स्थल (सैंक्चुअरी) मिला है जहाँ 3000 साल पहले ओडिसियस की पूजा होती थी।
क्या मिला खुदाई में?
इस स्थल पर शोधकर्ताओं को माइसीनियन काल की मिट्टी के बर्तन, अनुष्ठानिक भेंट की वस्तुएं और शिलालेख मिले हैं। ये सभी चीजें 8वीं शताब्दी ईसा पूर्व के आसपास की हैं, जो ठीक वही समय है जब ओडिसी की रचना मानी जाती है। यह खोज इस बात का मजबूत सबूत है कि ओडिसियस सिर्फ एक काल्पनिक पात्र नहीं, बल्कि एक ऐसा नायक रहा होगा जिसकी पूजा सदियों तक होती रही।
ट्रॉय युद्ध की कहानी को मिला नया आधार
यह खोज इस बहस को फिर से जीवित कर देती है कि क्या ट्रॉय का युद्ध वाकई हुआ था। अब तक मिले पुरातात्विक सबूतों के साथ यह नया सैंक्चुअरी इस महाकाव्य और ऐतिहासिक हकीकत के बीच की कड़ी को और मजबूत करता है।
बढ़ रही है दिलचस्पी
इस खोज का समय भी बेहद खास है, क्योंकि ओडिसियस की कहानी पर एक बड़ी हॉलीवुड फिल्म भी बनने वाली है। इससे दुनिया भर में इस पौराणिक नायक और उसके सफर में फिर से रुचि जागृत हो गई है। लगता है, ओडिसियस का सफर अभी खत्म नहीं हुआ है।
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