RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने दी चेतावनी
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने एक अहम बयान में कहा है कि अगर मिडिल ईस्ट का संकट जारी रहा, तो देश में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है। उन्होंने भू-राजनीतिक तनाव को ईंधन कीमतों के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया।
क्यों बढ़ सकते हैं दाम?
मल्होत्रा ने स्पष्ट किया कि मिडिल ईस्ट में अस्थिरता से कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। भारत अपनी ज़रूरत का करीब 85% कच्चा तेल आयात करता है, और इस क्षेत्र पर निर्भरता बहुत अधिक है। अगर तनाव बढ़ता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम उछल सकते हैं, जिसका सीधा असर पेट्रोल-डीज़ल की खुदरा कीमतों पर पड़ेगा।
आम आदमी पर क्या होगा असर?
पेट्रोल-डीज़ल के दाम बढ़ने से महंगाई और बढ़ सकती है। ट्रांसपोर्टेशन लागत बढ़ने से सब्ज़ी, दूध और रोज़मर्रा की चीज़ें महंगी हो जाएंगी। RBI गवर्नर ने यह भी संकेत दिया कि सरकार और केंद्रीय बैंक स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं, लेकिन फिलहाल कोई राहत की उम्मीद नहीं है।
क्या है आगे का रास्ता?
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लानी होगी। रिन्यूएबल एनर्जी और वैकल्पिक ईंधन पर ज़ोर देने की ज़रूरत है। फिलहाल, उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने बजट में संभावित बढ़ोतरी को शामिल करें।
Tags: पेट्रोल-डीज़ल की कीमत, RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा, मिडिल ईस्ट संकट, महंगाई
