गर्मी की छुट्टियों में बच्चों की आंखों का दुश्मन बन रहा है ‘स्क्रीन टाइम’, एक्सपर्ट ने दी चेतावनी

Shivshakti Singh
2 Min Read

डिजिटल दुनिया में खो रही है बचपन की रोशनी

गर्मी की छुट्टियां अब बच्चों के लिए आउटडोर खेल और मस्ती का नहीं, बल्कि मोबाइल, टैबलेट और लैपटॉप की स्क्रीन से चिपके रहने का समय बन गई हैं। शहरों में यह ट्रेंड खतरनाक स्तर पर पहुंच रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि इस अत्यधिक स्क्रीन टाइम के कारण बच्चों में आंखों में खिंचाव, सिरदर्द और धुंधली दृष्टि की शिकायतें तेजी से बढ़ रही हैं।

मायोपिया का बढ़ता खतरा

विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि डिजिटल डिवाइस के बढ़ते इस्तेमाल और घर के अंदर रहने की आदत एक ‘मायोपिया’ यानी निकटदृष्टि की महामारी को बढ़ावा दे रही है। धूप में बाहर न खेलना और लगातार करीब की स्क्रीन पर नजर गड़ाए रखना बच्चों की आंखों की रोशनी के लिए गंभीर खतरा है।

माता-पिता क्या कर सकते हैं?

बच्चों की आंखों को सुरक्षित रखने के लिए अभिभावकों को तुरंत कुछ कदम उठाने चाहिए। स्क्रीन टाइम की स्पष्ट सीमा तय करें। हर 20-30 मिनट के बाद 5-10 मिनट का ब्रेक जरूर दिलवाएं, जिसमें बच्चा दूर देखे। बच्चों को रोजाना कम से कम 1-2 घंटे धूप में बाहर खेलने के लिए प्रेरित करें, क्योंकि प्राकृतिक रोशनी आंखों के विकास के लिए जरूरी है। इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल करते समय उचित रोशनी और स्क्रीन की ब्राइटनेस का ध्यान रखें।

याद रखें, बचपन में पड़ी आंखों की कमजोरी जीवनभर परेशानी का कारण बन सकती है। छुट्टियों को स्क्रीन-फ्री एक्टिविटीज से भरें और बच्चों को सेहतमंद आदतें सिखाएं।

Tags: बच्चों की आंखें, स्क्रीन टाइम, गर्मी की छुट्टियां, मायोपिया, पेरेंटिंग टिप्स

Share This Article
Leave a Comment