चांदी आयात पर नई पाबंदी: क्या है सरकार का प्लान?
केंद्र सरकार ने चांदी के आयात को ‘प्रतिबंधित’ श्रेणी में डाल दिया है। अब देश में चांदी लाने के लिए सरकार से विशेष अनुमति लेना अनिवार्य होगा। यह कदम हाल ही में लगाए गए 15% आयात शुल्क के बाद ट्रेडर्स द्वारा ड्यूटी गैप का फायदा उठाने से रोकने के लिए उठाया गया है।
क्यों जरूरी था यह बदलाव?
भारत-यूएई मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के तहत कुछ ट्रेडर्स कम शुल्क पर चांदी लाकर मुनाफा कमा रहे थे। इससे सरकार के राजस्व और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ रहा था। नए नियम से ऐसे आर्बिट्रेज के मौके खत्म हो जाएंगे।
किन्हें मिलेगी छूट?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि निर्यातोन्मुख उद्योगों को इस पाबंदी से छूट दी गई है। यानी जो कंपनियां चांदी का इस्तेमाल करके तैयार माल विदेश भेजती हैं, उन्हें आयात में कोई परेशानी नहीं होगी। बाकी सभी को अब सरकारी मंजूरी का इंतजार करना होगा।
क्या होगा असर?
यह कदम चांदी की कीमतों को स्थिर रखने और अवैध आयात पर लगाम लगाने में मददगार साबित होगा। साथ ही, सरकार का फोकस कीमती धातुओं के प्रवाह को नियंत्रित कर देश के विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखना है।
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