हॉट डिबेट: सबीर भाटिया vs श्रीधर वेम्बू
हॉटमेल के संस्थापक सबीर भाटिया के एक बयान ने सोशल मीडिया पर बवाल मचा दिया है। भाटिया ने कहा कि भारत को अपने इतिहास की ‘सराहना’ करनी चाहिए, न कि उसकी आलोचना। इस पर ज़ोहो के सीईओ श्रीधर वेम्बू ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
सबीर भाटिया ने एक इंटरव्यू में कहा, ‘हमें अपने इतिहास को गर्व से देखना चाहिए। हर देश की तरह भारत के भी अच्छे और बुरे पहलू हैं, लेकिन हमें उसे स्वीकार करना होगा।’ उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे देश की विरासत को नकारने के बजाय उससे सीखें।
इस बयान के बाद श्रीधर वेम्बू ने ट्वीट किया, ‘इतिहास की सराहना का मतलब अंधभक्ति नहीं है। आलोचना से ही सुधार संभव है। हमें अपनी गलतियों से सीखना चाहिए, न कि उन्हें छिपाना चाहिए।’ वेम्बू ने आगे कहा कि भारत को अपने अतीत की बुराइयों को स्वीकार करके ही आगे बढ़ना होगा।
इस बहस ने दो खेमे बना दिए हैं। एक तरफ वे लोग हैं जो भाटिया के विचार से सहमत हैं और मानते हैं कि भारत के इतिहास को सम्मान मिलना चाहिए। दूसरी तरफ वेम्बू के समर्थक हैं जो कहते हैं कि बिना आलोचना के विकास नहीं हो सकता।
सोशल मीडिया पर #HistoryDebate ट्रेंड कर रहा है। कई यूज़र्स ने भाटिया को ‘अंधराष्ट्रवादी’ तो कई ने वेम्बू को ‘पश्चिमी सोच का प्रचारक’ बताया। हालांकि, दोनों ही भारतीय उद्यमिता के बड़े नाम हैं और उनकी राय को गंभीरता से लिया जा रहा है।
यह बहस इस बात पर केंद्रित है कि क्या भारत को अपने इतिहास को बिना शर्त स्वीकार करना चाहिए या उसकी आलोचना करने की गुंजाइश होनी चाहिए। फिलहाल, दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलीलों पर अड़े हैं।
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