साइबर और संज्ञानात्मक युद्ध का दौर
भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने स्पष्ट किया है कि आने वाले युद्ध सिर्फ जमीन, समुद्र और आसमान तक सीमित नहीं रहेंगे। उन्होंने कहा कि भविष्य के संघर्ष साइबर स्पेस और संज्ञानात्मक (मानसिक) डोमेन तक फैल जाएंगे। यह बात उन्होंने शिर्डी में एक रक्षा विनिर्माण कॉम्प्लेक्स के उद्घाटन के दौरान कही।
AI और ड्रोन से बदलेगी जंग की तस्वीर
जनरल चौहान ने जोर देकर कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ड्रोन जैसी तकनीकें युद्ध के मैदान को पूरी तरह बदल रही हैं। उन्होंने कहा कि ये तकनीकें भौगोलिक सीमाओं को पार कर डिजिटल दुनिया में प्रवेश कर चुकी हैं। इसलिए सेना को इन नए आयामों के लिए तैयार रहना होगा।
शिर्डी बनेगा डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब
इस मौके पर CDS ने शिर्डी को एक प्रमुख रक्षा विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र न केवल आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को पूरा करेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि शिर्डी जल्द ही देश के रक्षा उत्पादन का एक अहम केंद्र बनेगा।
Tags: CDS अनिल चौहान, भविष्य के युद्ध, साइबर युद्ध, शिर्डी रक्षा हब
