उत्तर प्रदेश: ‘बीमारू’ से ‘बुलंद’ तक का सफर
उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था ने एक नया इतिहास रच दिया है। कभी ‘बीमारू’ राज्यों में गिना जाने वाला यूपी अब देश की आर्थिक तस्वीर बदल रहा है। राज्य का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 30.25 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो 10.8% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) को दर्शाता है।
टैक्स रेवेन्यू में दोगुनी छलांग
सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा टैक्स रेवेन्यू का है, जो पिछले कुछ वर्षों में दोगुने से भी अधिक हो गया है। यह साफ संकेत है कि राज्य में न सिर्फ आर्थिक गतिविधियां बढ़ी हैं, बल्कि प्रशासनिक सुधारों ने भी कर संग्रह को मजबूत किया है।
निवेश और निर्यात में उछाल
यूपी का निर्यात 1.86 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। निवेश, उद्यमशीलता और बेहतर शासन व्यवस्था ने इस बदलाव को गति दी है। सरकारी नीतियों और सार्वजनिक वित्त प्रबंधन ने राज्य को आर्थिक महाशक्ति बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
देश में बढ़ी यूपी की हिस्सेदारी
एक समय जहां यूपी को विकास की दौड़ में पिछड़ा माना जाता था, अब उसकी आर्थिक हिस्सेदारी देश में लगातार बढ़ रही है। यह बदलाव सिर्फ आंकड़ों में नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर भी दिख रहा है। छोटे उद्योगों से लेकर बड़े निवेशकों तक, सब यूपी को अपनी पसंदीदा जगह बना रहे हैं।
यह ग्रोथ ग्राफ बताता है कि उत्तर प्रदेश अब सिर्फ जनसंख्या के मामले में ही नहीं, बल्कि आर्थिक ताकत के मामले में भी देश का नेतृत्व करने को तैयार है।
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