सहारा की ‘आँख’ का राज: NASA ने खोला राज, उल्कापिंड नहीं, ये है अरबों सालों की कहानी

Shivshakti Singh
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अंतरिक्ष से दिखती है ये अनोखी संरचना

अंतरिक्ष यात्री जब भी पृथ्वी की ओर देखते हैं, सहारा रेगिस्तान में एक विशाल ‘आँख’ उनका ध्यान खींचती है। इसे ‘सहारा की आँख’ या ‘रिचैट संरचना’ कहा जाता है। मॉरिटानिया में स्थित यह भूवैज्ञानिक चमत्कार 25 से 30 मील तक फैला हुआ है।

NASA का खुलासा: यह कोई उल्कापिंड क्रेटर नहीं

लंबे समय से लोग इसे उल्कापिंड के गिरने से बना गड्ढा समझते थे, लेकिन NASA ने साफ किया है कि यह कोई क्रेटर नहीं है। यह एक ‘डोमेड एंटीक्लाइन’ है, यानी धरती के अंदर से दबाव के कारण उभरी हुई एक गुंबदनुमा चट्टान, जो लाखों सालों में कटाव से बनी है।

कैसे बनी ये अनोखी आकृति?

अरबों साल पहले यहाँ मैग्मा उठा, जिसने ऊपर की चट्टानों को गुंबद की तरह उठा दिया। फिर लाखों सालों की हवा और पानी के कटाव ने अलग-अलग सख्त और मुलायम चट्टानों को इस तरह काटा कि गोलाकार छल्ले बन गए। ये छल्ले धरती की प्राचीन परतों को दर्शाते हैं।

अंतरिक्ष मिशनों के लिए क्यों है खास?

अपने विशाल आकार और अनोखी बनावट के कारण यह संरचना अंतरिक्ष से आसानी से दिख जाती है। यही वजह है कि यह अंतरिक्ष यात्रियों और उपग्रहों के लिए एक महत्वपूर्ण लैंडमार्क का काम करती है। NASA का कहना है कि यह संरचना हमें यह समझने में मदद करती है कि रेत के टीले और धूल कैसे वैश्विक मौसम प्रणालियों को प्रभावित करते हैं।

Tags: सहारा की आँख, रिचैट संरचना, NASA, भूवैज्ञानिक चमत्कार

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