अमेरिकी कर्मचारियों में बढ़ता बर्नआउट: 63% हर हफ्ते महसूस कर रहे हैं थकान
अमेरिका में काम का दबाव अब एक गंभीर संकट बन गया है। जुलाई 2025 में MyPerfectResume द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण से चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। सर्वे के अनुसार, 63% अमेरिकी कर्मचारी हर हफ्ते बर्नआउट यानी पूरी तरह थकावट महसूस करते हैं। यह सिर्फ थकान नहीं, बल्कि एक गहरा सांस्कृतिक संकट है, जहां कर्मचारी न तो समर्थन महसूस करते हैं और न ही अपनी समस्या खुलकर बता पाते हैं।
विश्वास की कमी और काम से दूरी
सर्वे में पाया गया कि कर्मचारियों का अपने कार्यस्थल और प्रबंधन पर से भरोसा उठता जा रहा है। इस अविश्वास के कारण वे धीरे-धीरे काम से किनारा कर रहे हैं। कई कर्मचारी अपने प्रयास कम कर रहे हैं, जबकि कुछ नौकरी छोड़ने की योजना बना रहे हैं। यह स्थिति बताती है कि तनाव को चुपचाप सहन किया जा रहा है, न कि खुलकर सुलझाया जा रहा है।
क्यों बढ़ रहा है यह संकट?
विशेषज्ञों का मानना है कि काम के बढ़ते दबाव, लचीलेपन की कमी और मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज करने वाली कार्यसंस्कृति इसकी मुख्य वजहें हैं। कर्मचारी अक्सर अपनी समस्याओं को छिपाते हैं, क्योंकि उन्हें डर होता है कि कहीं उन्हें कमजोर न समझा जाए या नौकरी से न निकाल दिया जाए। यह चुप्पी ही संकट को और गहरा कर रही है।
क्या है समाधान?
विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि कंपनियों को मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देनी चाहिए। खुली बातचीत, लचीले काम के घंटे और नियमित फीडबैक से इस समस्या को कम किया जा सकता है। अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो यह बर्नआउट महामारी और भी विकराल रूप ले सकती है।
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