USCIS का नया सवाल: ग्रीन कार्ड के लिए एडजस्टमेंट ऑफ स्टेटस क्यों चुना?
अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवाएं (USCIS) ने ग्रीन कार्ड आवेदकों के लिए एक नई रणनीति अपनाई है। अब अधिकारी आवेदकों से सीधे पूछ रहे हैं कि उन्होंने कंसुलर प्रोसेसिंग के बजाय एडजस्टमेंट ऑफ स्टेटस (AOS) का विकल्प क्यों चुना। यह बदलाव हाल ही में जारी एक नीति मेमो के बाद सामने आया है, जिसने आव्रजन वकीलों और आवेदकों को चौंका दिया है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, USCIS अब यह जांचना चाहता है कि क्या आवेदकों ने जानबूझकर कंसुलर प्रोसेसिंग को छोड़कर AOS का रास्ता चुना, जो कभी-कभी तेज या आसान माना जाता है। अधिकारियों का मानना है कि इससे आव्रजन नियमों का दुरुपयोग हो सकता है। खासकर उन मामलों में जहां आवेदक पहले से अमेरिका में रह रहे हैं और उनके पास वैध वीजा है।
वकीलों की सलाह: तैयार रखें मजबूत सबूत
आव्रजन वकीलों ने अपने मुवक्किलों को सलाह दी है कि वे इस सवाल का जवाब देने के लिए पूरी तैयारी करें। उन्हें अमेरिका से मजबूत संबंध और योगदान दिखाने वाले व्यापक सबूत जुटाने चाहिए। इसमें नौकरी के प्रस्ताव, कर रिटर्न, संपत्ति के दस्तावेज, और सामुदायिक भागीदारी के प्रमाण शामिल हो सकते हैं। वकीलों का कहना है कि यह साबित करना जरूरी है कि AOS का चुनाव सिर्फ सुविधा के लिए नहीं, बल्कि वैध कारणों से किया गया है।
आवेदकों के लिए चेतावनी
यह बदलाव उन सभी ग्रीन कार्ड आवेदकों के लिए अहम है जो अमेरिका के अंदर से अपनी स्थिति बदलना चाहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे आवेदन प्रक्रिया और पेचीदा हो सकती है। अगर आप भी AOS के जरिए ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन कर रहे हैं, तो अपने वकील से संपर्क करें और सुनिश्चित करें कि आपके पास हर सवाल का जवाब देने के लिए ठोस सबूत हैं। याद रखें, USCIS अब हर छोटी बात पर गौर कर रहा है।
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