सरकार ने OMCs को दिया निर्देश: 30 दिन का सामरिक LPG भंडार अनिवार्य
नई दिल्ली। भारत सरकार ने ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक अहम कदम उठाया है। सरकार ने सभी सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों (OMCs) को निर्देश दिया है कि वे 30 दिनों का सामरिक LPG (रसोई गैस) रिजर्व बनाएं। यह फैसला आपूर्ति में किसी भी अप्रत्याशित व्यवधान से निपटने के लिए लिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, पेट्रोलियम मंत्रालय ने इस संबंध में सभी OMCs को औपचारिक पत्र जारी कर दिया है। इस रिजर्व का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश में किसी भी संकट या वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद घरेलू उपभोक्ताओं को LPG की निर्बाध आपूर्ति मिलती रहे।
वर्तमान में देश में LPG का बफर स्टॉक लगभग 15-20 दिनों का है। नए निर्देश के बाद इसे बढ़ाकर 30 दिन किया जाएगा। इसके लिए OMCs को अपने मौजूदा भंडारण बुनियादी ढांचे का विस्तार करना होगा और अतिरिक्त स्टोरेज क्षमता विकसित करनी होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत को ऊर्जा के मोर्चे पर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल है। खासकर तब जब वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों के कारण कच्चे तेल और गैस की कीमतों में अस्थिरता बनी रहती है। इस रणनीतिक रिजर्व से न केवल आपूर्ति सुरक्षित होगी, बल्कि मूल्य स्थिरता बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।
गौरतलब है कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG उपभोक्ता है। सरकार की उज्ज्वला योजना के तहत करोड़ों परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए गए हैं, जिससे LPG की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यह सुनिश्चित करना जरूरी हो जाता है कि आपूर्ति श्रृंखला में कोई खलल न पड़े।
OMCs ने सरकार के इस निर्देश का स्वागत किया है और भरोसा दिलाया है कि वे निर्धारित समय सीमा में 30 दिन के रिजर्व का लक्ष्य हासिल कर लेंगी। इसके लिए आवश्यक निवेश और योजना पर काम शुरू कर दिया गया है।
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