अमेरिकी सीनेटर का चिलकूर बालाजी मंदिर पर तंज: ‘वीज़ा कार्टेल का अपना वीज़ा मंदिर’, बवाल मचा

Shivshakti Singh
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अमेरिकी सीनेटर के बयान से मचा हंगामा

अमेरिकी सीनेटर ने चिलकूर बालाजी मंदिर पर एक विवादास्पद टिप्पणी करते हुए कहा कि ‘वीज़ा कार्टेल का अपना वीज़ा मंदिर है’। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि ‘वे सिर्फ प्रार्थना कर रहे हैं’। इस बयान ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया को जन्म दिया है।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, अमेरिकी सीनेटर ने एक सुनवाई के दौरान चिलकूर बालाजी मंदिर का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मंदिर वीज़ा धोखाधड़ी में शामिल एक गिरोह का केंद्र बन गया है। सीनेटर ने कहा, ‘यह कोई आम मंदिर नहीं, बल्कि वीज़ा कार्टेल का अपना वीज़ा मंदिर है। वे वहां सिर्फ प्रार्थना कर रहे हैं, लेकिन असल में वीज़ा के लिए अवैध रास्ते बना रहे हैं।’

भारत में विरोध और प्रतिक्रिया

इस बयान के बाद भारत में जमकर विरोध हुआ। कई धार्मिक और राजनीतिक संगठनों ने इसे भारतीय संस्कृति और आस्था का अपमान बताया। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने भी इस पर नाराजगी जताई और कहा कि ‘हमारे मंदिर हमारी आस्था के प्रतीक हैं, इन्हें बदनाम करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।’ वहीं, कुछ लोगों ने सीनेटर के बयान को सही ठहराते हुए कहा कि वीज़ा धोखाधड़ी के मामलों की जांच होनी चाहिए, लेकिन मंदिर को इसमें नहीं घसीटा जाना चाहिए।

क्या है चिलकूर बालाजी मंदिर का इतिहास?

चिलकूर बालाजी मंदिर तेलंगाना के यदाद्री जिले में स्थित एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है। यह मंदिर भगवान वेंकटेश्वर को समर्पित है और यहां दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं। हाल के वर्षों में यह मंदिर वीज़ा धोखाधड़ी के एक कथित गिरोह से जुड़ा हुआ है, जिसमें कुछ लोगों पर अवैध रूप से अमेरिकी वीज़ा दिलाने का आरोप है। हालांकि, मंदिर प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज किया है।

आगे क्या?

इस विवाद ने एक बार फिर भारत-अमेरिका संबंधों में खटास पैदा कर दी है। भारत सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि वह अमेरिकी प्रशासन से इस बारे में बात करेगी। वहीं, विपक्षी दलों ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह इस मामले में कड़ा रुख नहीं अपना रही है। देखना होगा कि यह विवाद आगे क्या रूप लेता है।

Tags: चिलकूर बालाजी मंदिर, अमेरिकी सीनेटर, वीज़ा कार्टेल, विवाद

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